2021-03-04
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इंदौर

रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले अपराधियों को इंदौर नगर निगम द्वारा दिया गया मकान तोड़ने का नोटिस उच्च न्यायालय द्वारा खारिज

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निर्मल रोकड़े इंदौर। रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले अपराधियों को इंदौर नगर निगम द्वारा मकान तोड़ने का नोटिस दिया गया था जिसे माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के समक्ष चुनौती दी गई थी।
आज सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विवेक रूसिया ने उक्त आदेश को पूर्ण रूप से खारिज कर दिया है तथा नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर द्वारा किए गए उक्त कृत्य पर सख्त रुख अपनाते हुए नाराजगी प्रकट की है।
याचिकाकर्ता बंसीलाल चौधरी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन एवं योगेश हेमनानी और कुशाग्र जैन ने पैरवी की तथा याचिकाकर्ता पुष्पमाला की तरफ से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने पैरवी की। पैरवी के दौरान माननीय न्यायाधीश द्वारा स्पष्ट रूप से यह कहा गया कि जब माननीय उच्च न्यायालय की युगल पीठ के आदेश अनुसार प्रदेश में मकान ध्वस्त करने की कार्रवाई 15 जून तक स्थगित है तो आखिर भवन अधिकारी द्वारा याचिकाकर्ता को मात्र एक दिन में जवाब पेश करने का नोटिस क्यों दिया गया।
अधिवक्ता द्वारा मुख्य रूप से यह तर्क दिया गया था कि जिन लोगों को शासन ने रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में अपराधी बनाया है उनके नाम से यह संपत्ति नहीं अपितु संपत्ति उनके माता-पिता तथा परिवार के अन्य जनों के नाम दर्ज है तो आखिर परिवार के किसी सदस्य की गलती का हर्जाना पूरा परिवार आखिर क्यों भुगते। 
न्यायाधीश ने इस तर्क को श्रवण करते नगर निगम द्वारा दिए गए शो कॉज नोटिस को खारिज कर दिया है।
2021-03-04
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