2021-03-04
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इंदौर

अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर किया जा रहा है इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार

विश्व के सभी प्रमुख देशों के लिए इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत है सरकार- मंत्री श्री सिंधिया

निर्मल रोकड़े इन्दौर। इंदौर एयरपोर्ट के अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत विस्तारीकरण एवं सुदृढीकरण हेतु मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं इंदौर सांसद शंकर लालवानी द्वारा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष कई मांगे रखी गई है। जिनमें मुख्य रूप से इंदौर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई को 4000 मीटर करने, नवीन टर्मिनल भवन बनाने, कंट्रोल टॉवर एवं नवीन फायर स्टेशन के निर्माण, पुराने टर्मिनल भवन में एक व्ही.आई.पी टर्मिनल बनाने, जल्द से जल्द एयरकार्गो फ्लाइट्स प्रारंभ करने एवं इंदौर शहर के आसपास 50 से 60 किलोमीटर की परिधि में एक नया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एवं कार्गो सेंटर विकसित करने हेतु अनुरोध किया गया है। 
तत्संबंध में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिंधिया द्वारा संबंधित विभाग को समुचित आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने बताया कि इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर किया जा रहा है। जिसके तहत 215 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण एवं रन-वे का सुदृढीकरण किया गया है। इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किये जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त 63 करोड़ रुपये की लागत से एप्रन, पार्किंग बे का एक्सटेंशन एवं पैरेलल टैक्सी ट्रक का कार्य प्रगति पर है, जो कि अक्टूबर 2021 तक पूर्ण हो जायेगा। इसके अतिरिक्त नये एटीसी टॉवर एवं फायर स्टेशन का लगभग 50 करोड़ रूपये का कार्य योजना में है। उन्होंने बताया कि इंदौर में पुराने टर्मिनल भवन में वीवीआईपी लाउंज बनाने के प्रस्ताव पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा विचार किया जा रहा है। वर्तमान में इंदौर हवाई अड्डे पर आयात एवं निर्यात की वार्षिक क्षमता लगभग 37 हजार 960 और 25 हजार मेट्रिक टन है। एएआईसीएलएएस इंदौर हवाई अड्डे पर अंतरराज्यीय एयर कार्गो टर्मिनल एवं सेंटर फॉर पेरिशेबल कार्गो के निर्माण की योजना प्रस्तावित है, इस हेतु भूमि आंवटन प्रक्रिया में है। 
इंदौर-दुबई के मध्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान के पुन: संचालन हेतु किये जा रहे प्रयास
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिंधिया ने बताया कि भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा मौजूदा रन-वे को B-777 प्रकार के विमानों के लिये उपयुक्त बनाने के लिये राज्य सरकार से 2300 एकड़ भूमि की मांग की गई है। यात्री क्षमता बढ़ाने के लिये नये टर्मिनल के निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का प्रयास है कि विश्व के सभी प्रमुख देशों के लिये इंदौर से अतिशीघ्र अंतर्राष्ट्रीय उड़ान उपलब्ध हो सके। जिसके लिये कोविड के पूर्व में एयर इंडिया दुबई के लिये तीन हवाई यात्राओं का संचालन कर रही थी। इन हवाई सेवाओं को पुनः शुरू करने हेतु सरकार प्रयासरत है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि “हमारे लिये गर्व का विषय है कि इंदौर मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी है। इंदौर इस प्रदेश का प्राण है और इसकी प्राणवायु परिवहन व्यवस्था है जिसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। इंदौर एवं मध्यप्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लिये एयर कार्यों के विस्तार के लिये भी हम पूर्ण रूप से प्रयासरत है, जिसका प्रभाव आपको आने वाले समय में शीघ्र दिखेगा। जैसा कि ज्ञात है कि कोरोना के कारण अगर कोई क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है तो यह उड्डयन क्षेत्र है। लेकिन कोरोना का दंश थमने के बाद धीरे-धीरे उड्डयन क्षेत्र गति पकड़ रहा है और शीघ्र ही इस क्षेत्र को पुराने स्वरूप के साथ ही नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिये केन्द्र सरकार संकल्पित है। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियां पूरी क्षमता के साथ इस दिशा में प्रयासरत है।
आगामी 15 दिवस में शुरू होगी इंदौर की ग्वालियर-जबलपुर के साथ एयर कनेक्टिविटी
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि उनके कार्यकाल से पहले इंदौर से केवल देश के 8 शहरों के लिये उड़ान उपलब्ध थी, जिनकी प्रति सप्ताह का मूवमेंट 154 उड़ान का था। लेकिन उनके कार्यकाल के एक माह के अंदर तीन नये शहरों अहमदाबाद, गोवा एवं रायपुर को मिलाकर कुल 11 शहरों के लिये प्रति सप्ताह 268 उड़ानें संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 15 दिवस के अंदर इंदौर से दो नये शहरों जबलपुर एवं ग्वालियर के लिये प्रति सप्ताह 24 उड़ाने संचालित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कोरोना काल के बाद न केवल पुरानी उड़ानों को नियमित किया गया है बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में दर्जनों नई उड़ानों को भी प्रारंभ किया गया है। भारत में खास से लेकर आम तक हवाई सफर को सुलभ बनाने के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रारंभ की गई “उड़ान” योजना के परिणाम स्वरूप हवाई चप्पल पहनने वाले साधारण व्यक्ति आज हवाई सफर कर पा रहे है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकार की मंशा है कि उड्डयन क्षेत्र जो कि अभी तक विशिष्ट लोगों की सेवा के लिये जाना जाता था वो आमजन के लिये भी सुलभ हो।
2021-03-04
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