2021-03-04
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मध्य प्रदेश

कमजोर पड़कर विदर्भ पहुंचा सिस्टम, बारिश का दौर फिर थमने के आसार

भोपाल। मध्यप्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से रविवार, सोमवार को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बरसात हुई। हालांकि वर्तमान में सिस्टम कमजोर होकर हवा के ऊपरी भाग के चक्रवात के रूप में बदलकर विदर्भ पहुंच गया है। मानसून ट्रफ भी सतना से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चौबीस घंटों में खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ, आलीराजपुर व उज्जैन जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर संभाग के जिलों में बौछारें पड़ सकती हैं। बुधवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी।
मंगलवार को पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर में 46.7, खंडवा में 37, खरगोन में 36, खजुराहो में 35.8, छिंदवाड़ा में 34, शाजापुर में 32, रायसेन में 25.2, बैतूल में 18.8, श्यौपुरकला में 14, होशंगाबाद 13.6, गुना में 10.4, रतलाम में आठ, धार में 6.5, इंदौर में छह, नौगांव में पांच, भोपाल (शहर) 2.6, दमोह में दो, भोपाल (एयरपोर्ट) में 1.6, सतना 0.6, सागर 0.4 मिलीमीटर बारिश हुई। कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के साथ ही विदर्भ पहुंच गया है। साथ ही बुधवार तक मानसून ट्रफ के भी मप्र से बाहर चले जाने की संभावना है। इससे बुधवार से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। बादल छंटने से धूप निकलने लगेगी। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।
एक और सिस्टम बनने के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार से मौसम फिर साफ होने लगेगा। हालांकि बंगाल की खाड़ी में चार-पांच दिन के अंदर एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इस सिस्टम के असर से छह सितंबर के आसपास एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
2021-03-04
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